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Meet Songtext
von Arijit Singh

Meet Songtext

कोरे से पन्ने जैसे ये दिल ने
कोई गज़ल पाई
पहली बारिश इस ज़मीन पे
इश्क़ ने बरसाई

हर नज़र में ढूंढी जो थी
तुझ में पाई वफ़ा
जान मेरी बन गया तू
जान मैने लिया


तू ही मेरा मीत है जी
तू ही मेरी प्रीत है जी
जो लबों से हो सके ना जुदा
ऐसा मेरा गीत है जी
तू ही मेरा मीत है जी
तू ही मेरी प्रीत है जी
जो लबों से हो सके ना जुड़ा
ऐसा मेरा गीत है जी
तू ही मेरा मीत है

ओ खोलूं जो आँखें सुबह को मैं
चेहरा तेरा ही पाऊ
ये तेरी नरम सी धूप में अब से

जहाँ ये मेरा सजाऊ
ज़रा सी बात पे जब हँसती है तू
हँसती है मेरी ज़िंदगी

तू ही मेरा मीत है जी
तू ही मेरी प्रीत है जी
जो लबों से हो सके ना जुदा
ऐसा मेरा गीत है जी
तू ही मेरा मीत है जी
तू ही मेरी प्रीत है जी
जो लबों से हो सके ना जुदा
ऐसा मेरा गीत है जी
तू ही मेरा मीत है

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