Kya Pata Songtext
von Osho Jain
Kya Pata Songtext
मैं जब भी रोता हूँ
मुझे वो बहुत यात आता है
जैसे मुझे वो मनाता था
अब कोई भी ना मनाता है
खुद को जब मैं खोता हूँ
मुझे वो बहुत यात आता है
जैसे मुझे वो समझाता था
अब कोई भी ना समझाता है
क्या वो भी मुझे याद करता है?
क्या वो भी अकेले में डरता है?
क्या वो भी हर दिन थोड़ा मरता है?
क्या पता!
क्या पता!
मैं जब भी नई राह चुनता हूँ
मुझे वो बहुत यात आता है
मैं जब भी नए ख्वाब बुनता हूँ
मुझे वो बहुत यात आता है
जैसे वो साथ निभाता था
अब कोई भी ना निभाता है
जैसे वो साथ में चलता था
अब कोई भी ना चल पाता है
क्या वो भी मुझे याद करता है?
क्या वो भी अकेले में डरता है?
क्या वो भी हर दिन थोड़ा मरता है?
क्या पता!
क्या पता!
क्या पता!
क्या पता!
क्या पता!
मुझे वो बहुत यात आता है
जैसे मुझे वो मनाता था
अब कोई भी ना मनाता है
खुद को जब मैं खोता हूँ
मुझे वो बहुत यात आता है
जैसे मुझे वो समझाता था
अब कोई भी ना समझाता है
क्या वो भी मुझे याद करता है?
क्या वो भी अकेले में डरता है?
क्या वो भी हर दिन थोड़ा मरता है?
क्या पता!
क्या पता!
मैं जब भी नई राह चुनता हूँ
मुझे वो बहुत यात आता है
मैं जब भी नए ख्वाब बुनता हूँ
मुझे वो बहुत यात आता है
जैसे वो साथ निभाता था
अब कोई भी ना निभाता है
जैसे वो साथ में चलता था
अब कोई भी ना चल पाता है
क्या वो भी मुझे याद करता है?
क्या वो भी अकेले में डरता है?
क्या वो भी हर दिन थोड़ा मरता है?
क्या पता!
क्या पता!
क्या पता!
क्या पता!
क्या पता!
Writer(s): Ojeswa Jain Lyrics powered by www.musixmatch.com
