Songtexte.com Drucklogo

Safar Songtext
von Mitraz

Safar Songtext

सफ़र में दुआओं तुम साथ देना
मंज़िल है उनकी तू ही
शहर में ग़ैरों के यूँ अनजान सा
भटके क्यूँ तेरा राही?

ना था मोहब्बतों से वास्ता
तूने ही रास्ता है बनाया
ना थी जो दिल में मेरे रोशनी
यारा, तूने ये घर सजाया


ज़िंदगी है दो पल की, ओ, यारों
ख़्वाहिश के मेले में गुम ना हो जाओ
कोई है जो तेरा इंतज़ार कर रहा
सुन ले ज़रा, है बादलों में आवाज़ जो

सफ़र में दुआओं तुम साथ देना
मंज़िल है उनकी तू ही
शहर में ग़ैरों के यूँ अनजान सा
भटके क्यूँ तेरा राही?

ना था मोहब्बतों से वास्ता
तूने ही रास्ता है बनाया
ना थी जो दिल में मेरे रोशनी
यारा, तूने ये घर सजाया


ना था मोहब्बतों से वास्ता
तूने ही रास्ता है बनाया
ना थी जो दिल में मेरे रोशनी
यारा, तूने ये घर सजाया

Songtext kommentieren

Log dich ein um einen Eintrag zu schreiben.
Schreibe den ersten Kommentar!

Beliebte Songtexte
von Mitraz

Quiz
Wer singt das Lied „Applause“?

Fans

»Safar« gefällt bisher niemandem.