Jannat Songtext
von Mitraz
Jannat Songtext
तेरे पलकों के साए में
मेरी जन्नत है, हाए रे
तेरी आँखों से बातें हम
करें तो क्या हो जाए रे
तुम्हारे थे, तुम्हारे हैं
तेरी बातों के मारे हैं
लबों पे लफ़्ज़ जो मेरे
मुझसे ज़्यादा तुम्हारे हैं
तेरे पलकों के साए में
मेरी जन्नत है, हाए रे
तेरी आँखों से बातें हम
करें तो क्या हो जाए रे
भला क्यूँ फूल खिल उठते
तेरी इक ही झलक से हैं
भला क्यूँ ये हवाएँ भी
तेरे पीछे भटकती हैं
तुम्हारे थे, तुम्हारे हैं
तेरी बातों के मारे हैं
लबों पे लफ़्ज़ जो मेरे
मुझसे ज़्यादा तुम्हारे हैं
तेरे पलकों के साए में
मेरी जन्नत है, हाए रे
तेरी आँखों से बातें हम
करें तो क्या हो जाए रे
मेरी जन्नत है, हाए रे
तेरी आँखों से बातें हम
करें तो क्या हो जाए रे
तुम्हारे थे, तुम्हारे हैं
तेरी बातों के मारे हैं
लबों पे लफ़्ज़ जो मेरे
मुझसे ज़्यादा तुम्हारे हैं
तेरे पलकों के साए में
मेरी जन्नत है, हाए रे
तेरी आँखों से बातें हम
करें तो क्या हो जाए रे
भला क्यूँ फूल खिल उठते
तेरी इक ही झलक से हैं
भला क्यूँ ये हवाएँ भी
तेरे पीछे भटकती हैं
तुम्हारे थे, तुम्हारे हैं
तेरी बातों के मारे हैं
लबों पे लफ़्ज़ जो मेरे
मुझसे ज़्यादा तुम्हारे हैं
तेरे पलकों के साए में
मेरी जन्नत है, हाए रे
तेरी आँखों से बातें हम
करें तो क्या हो जाए रे
Writer(s): Pratik Singh, Anmol Ashish Lyrics powered by www.musixmatch.com
