Faasle Songtext
von Mitraz
Faasle Songtext
ख़ाली दिल तेरी ही राहें देखे
क्यूँ रह जाते हैं ये ऑंसू सूने?
क्या ख़ुद से ही हो रहे हैं ये फ़ासले, फ़ासले?
क्या ख़ुद से ही हो रहे हैं ये फ़ासले, फ़ासले?
तेरे बिना मेरी रूह भी है लगती नहीं
तेरे बिना मेरी सॉंसें भी चलती नहीं
तेरी बातें हैं बसी मुझमें, क्यूँ फिर
मेरे दिल में है छाई ये ख़ामोशी?
ऐ ख़ुदा, फिर से आके बसा ले
मुझ को तेरे साए में जगह दे
क्या ख़ुद से ही हो रहे हैं ये फ़ासले, फ़ासले?
क्या ख़ुद से ही हो रहे हैं ये फ़ासले, फ़ासले?
क्यूँ रह जाते हैं ये ऑंसू सूने?
क्या ख़ुद से ही हो रहे हैं ये फ़ासले, फ़ासले?
क्या ख़ुद से ही हो रहे हैं ये फ़ासले, फ़ासले?
तेरे बिना मेरी रूह भी है लगती नहीं
तेरे बिना मेरी सॉंसें भी चलती नहीं
तेरी बातें हैं बसी मुझमें, क्यूँ फिर
मेरे दिल में है छाई ये ख़ामोशी?
ऐ ख़ुदा, फिर से आके बसा ले
मुझ को तेरे साए में जगह दे
क्या ख़ुद से ही हो रहे हैं ये फ़ासले, फ़ासले?
क्या ख़ुद से ही हो रहे हैं ये फ़ासले, फ़ासले?
Writer(s): Pratik Singh, Anmol Ashish Lyrics powered by www.musixmatch.com
