Pehli Dafa Songtext
von Atif Aslam
Pehli Dafa Songtext
दिल कहे कहानियाँ पहली दफ़ा
अरमानों में रवानियाँ पहली दफ़ा
हो गया बेगाना मैं होश से पहली दफ़ा
प्यार को पहचाना, एहसास है ये नया
सुना है, सुना है, ये रस्म-ए-वफ़ा है
जो दिल पे नशा है वो पहली दफ़ा है
सुना है, सुना है, ये रस्म-ए-वफ़ा है
जो दिल पे नशा है वो पहली दफ़ा है
कभी दर्द सी, कभी ज़र्द सी, ज़िंदगी बे-नाम थी
कहीं चाहतें हुईं मेहरबाँ, हाथ बढ़ के थामती
इक वो नज़र, इक वो निगाह रूह में शामिल इस तरह
बन गया अफ़साना इक बात से पहली दफ़ा
पा लिया है ठिकाना, बाँहों की है पनाह
सुना है, सुना है, ये रस्म-ए-वफ़ा है
जो दिल पे नशा है वो पहली दफ़ा है
सुना है, सुना है, ये रस्म-ए-वफ़ा है
जो दिल पे नशा है वो पहली दफ़ा है
लगे बेवजह अल्फ़ाज़ जो, वो ज़रूरत हो गए
तक़दीर के कुछ फ़ैसले, जो ग़नीमत हो गए
बदला हुआ हर पल है, रहती ख़ुमारी हर जगह
प्यार था अनजाना, हुआ साथ में पहली दफ़ा
ये असर अब जाना, क्या रंग है ये चढ़ा
सुना है, सुना है, ये रस्म-ए-वफ़ा है
जो दिल पे नशा है वो पहली दफ़ा है
(सुना है, सुना है, ये रस्म-ए-वफ़ा है)
(जो दिल पे नशा है वो पहली दफ़ा है)
अरमानों में रवानियाँ पहली दफ़ा
हो गया बेगाना मैं होश से पहली दफ़ा
प्यार को पहचाना, एहसास है ये नया
सुना है, सुना है, ये रस्म-ए-वफ़ा है
जो दिल पे नशा है वो पहली दफ़ा है
सुना है, सुना है, ये रस्म-ए-वफ़ा है
जो दिल पे नशा है वो पहली दफ़ा है
कभी दर्द सी, कभी ज़र्द सी, ज़िंदगी बे-नाम थी
कहीं चाहतें हुईं मेहरबाँ, हाथ बढ़ के थामती
इक वो नज़र, इक वो निगाह रूह में शामिल इस तरह
बन गया अफ़साना इक बात से पहली दफ़ा
पा लिया है ठिकाना, बाँहों की है पनाह
सुना है, सुना है, ये रस्म-ए-वफ़ा है
जो दिल पे नशा है वो पहली दफ़ा है
सुना है, सुना है, ये रस्म-ए-वफ़ा है
जो दिल पे नशा है वो पहली दफ़ा है
लगे बेवजह अल्फ़ाज़ जो, वो ज़रूरत हो गए
तक़दीर के कुछ फ़ैसले, जो ग़नीमत हो गए
बदला हुआ हर पल है, रहती ख़ुमारी हर जगह
प्यार था अनजाना, हुआ साथ में पहली दफ़ा
ये असर अब जाना, क्या रंग है ये चढ़ा
सुना है, सुना है, ये रस्म-ए-वफ़ा है
जो दिल पे नशा है वो पहली दफ़ा है
(सुना है, सुना है, ये रस्म-ए-वफ़ा है)
(जो दिल पे नशा है वो पहली दफ़ा है)
Writer(s): Shakeel Sohail, Shiraz Uppal Lyrics powered by www.musixmatch.com

