Kuch Aisa Songtext
von Xulfi
Kuch Aisa Songtext
ऐसा पहले तो कभी ना हुआ था
वो सितारा भी मुझे ये कह रहा था
जो मुझे कभी लगता था अजनबी सा
अब मुझे वही लगता है ज़िंदगी सा
ऐसे कुछ तू मिला था
खो ना जाए, बस ये डर सा लगा था
छोटी-छोटी बातों में, सोचूँ दिन में, रातों में
जो चाहूँ वो हो जाए, कुछ ऐसा हो जाए
बूँदों की इस बारिश में, ढूँढूँ मैं हर ख़्वाहिश में
जो चाहूँ वो मिल जाए, कुछ ऐसा हो जाए
हर सुबह मुझे कुछ ऐसा लगता था
ख़्वाब था सभी जो हम ने लिखा था
देखा तो अभी एक पल ही गुज़रा था
पर ना जाने क्यूँ कुछ ऐसा लगा था
जैसे सदियाँ एक पल में सारी
कुछ ही बातों में मेरी-तुम्हारी
बीती कुछ ऐसे बनी हमारी
इतनी थी सी बस अपनी कहानी
ऐसे कुछ तू मिला था
खो ना जाए, बस ये डर सा लगा था
छोटी-छोटी बातों में, सोचूँ दिन में, रातों में
जो चाहूँ वो हो जाए, कुछ ऐसा हो जाए
बूँदों की इस बारिश में, ढूँढूँ मैं हर ख़्वाहिश में
जो चाहूँ वो मिल जाए, कुछ ऐसा हो जाए
कहना चाहूँ मैं, पर दिल यूँ धड़का था
जाने मन कुछ ऐसे क्यूँ डरता था
जो भी था मेरा, उस पल वो तेरा था
जीना चाहे तो बस यही लम्हा था
ऐसे कुछ तू मिला था
खो ना जाए, बस ये डर सा लगा था
छोटी-छोटी बातों में, सोचूँ दिन में, रातों में
जो चाहूँ वो हो जाए, कुछ ऐसा हो जाए
बूँदों की इस बारिश में, ढूँढूँ मैं हर ख़्वाहिश में
जो चाहूँ वो मिल जाए, कुछ ऐसा हो जाए
आहा-आहा, कुछ ऐसा हो जाए
ओहो-ओहो, कुछ ऐसा हो जाए
कुछ ऐसा हो जाए
कुछ ऐसा हो जाए
वो सितारा भी मुझे ये कह रहा था
जो मुझे कभी लगता था अजनबी सा
अब मुझे वही लगता है ज़िंदगी सा
ऐसे कुछ तू मिला था
खो ना जाए, बस ये डर सा लगा था
छोटी-छोटी बातों में, सोचूँ दिन में, रातों में
जो चाहूँ वो हो जाए, कुछ ऐसा हो जाए
बूँदों की इस बारिश में, ढूँढूँ मैं हर ख़्वाहिश में
जो चाहूँ वो मिल जाए, कुछ ऐसा हो जाए
हर सुबह मुझे कुछ ऐसा लगता था
ख़्वाब था सभी जो हम ने लिखा था
देखा तो अभी एक पल ही गुज़रा था
पर ना जाने क्यूँ कुछ ऐसा लगा था
जैसे सदियाँ एक पल में सारी
कुछ ही बातों में मेरी-तुम्हारी
बीती कुछ ऐसे बनी हमारी
इतनी थी सी बस अपनी कहानी
ऐसे कुछ तू मिला था
खो ना जाए, बस ये डर सा लगा था
छोटी-छोटी बातों में, सोचूँ दिन में, रातों में
जो चाहूँ वो हो जाए, कुछ ऐसा हो जाए
बूँदों की इस बारिश में, ढूँढूँ मैं हर ख़्वाहिश में
जो चाहूँ वो मिल जाए, कुछ ऐसा हो जाए
कहना चाहूँ मैं, पर दिल यूँ धड़का था
जाने मन कुछ ऐसे क्यूँ डरता था
जो भी था मेरा, उस पल वो तेरा था
जीना चाहे तो बस यही लम्हा था
ऐसे कुछ तू मिला था
खो ना जाए, बस ये डर सा लगा था
छोटी-छोटी बातों में, सोचूँ दिन में, रातों में
जो चाहूँ वो हो जाए, कुछ ऐसा हो जाए
बूँदों की इस बारिश में, ढूँढूँ मैं हर ख़्वाहिश में
जो चाहूँ वो मिल जाए, कुछ ऐसा हो जाए
आहा-आहा, कुछ ऐसा हो जाए
ओहो-ओहो, कुछ ऐसा हो जाए
कुछ ऐसा हो जाए
कुछ ऐसा हो जाए
Writer(s): Xulfi,danish Khan Lyrics powered by www.musixmatch.com
