Jeet Songtext
von vichaar
Jeet Songtext
ये छीनते हैं कला
ये छीनते हैं कला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
ये छीनते हैं कला
ये छीनते हैं कला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
भाई, गुनाह किए कई, पर सीखा
चबाया नहीं है कभी कुछ free का
मैं बचपन से मालिक मर्ज़ी का
कभी परवाह नहीं, क्या हो नतीजा
इन्हें serve करा dish, वो भी तीखा
तेरे verse में ना दम, जाके घी खा
तूने ज़ख़म दिए गहरे, मैं ना चीखा
Bitch, I′m here for the smoke, fuck a शीशा
आगे तो है मोड़, लेकिन वो भी है पेचीता
मुझे पता है कि हमारा था या जीता
बस है पता कि मैं G था तभी जीता
तेरी यारी का तो स्वाद लगे फीका
मुझे कमाने crore तभी बदला तरीका, तभी बदला सलीका
इंतज़ार है घड़ी का, मुझे चाहिए है ज़मीन चाहे acre हो या बीघा
देता कारनामें दिखा, हूँ मैं भावना से लिखा
तड़ी सामने ना दिखा, जब हूँ सामने मैं टिका
लौंडों ने है करी hotbox ये Ertiga
ठुल्ले रोके नाके पे, चालान फर्ज़ी का
करी बहस तो फिर दिखा देते तैश वर्दी का
School of hard knocks में मैं, बावे, भर्ती था
उस party में सफ़ेद चूना नाक से था खींचा
घाटी वाले club को बना दिया Ibiza
Brain उसका lame, लेकिन frame curvy सा
फिर भी lean करती tower पे, वो मेरे जैसे Pisa
कभी बकरा नहीं बना मैं बली का (कभी नहीं)
तुझे लगा लौंडा मैं कल ही का (haha)
ये aim रखा loaded, भई, पूरा (drrr)
और तू ढूँढे, बावे, यहाँ नली कहाँ (haha)
बकचोदी को कोई हल ही कहाँ
गवाए मैंने पल ही ना
खुली आँख जैसे-तैरे करके
और मुझे लगा जैसे कल ही था
ये छीनते हैं कला
ये छीनते हैं कला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
ये छीनते हैं कला
ये छीनते हैं कला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
ये छीनते हैं कला
ये छीनते हैं कला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
ये छीनते हैं कला
ये छीनते हैं कला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
ये छीनते हैं कला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
ये छीनते हैं कला
ये छीनते हैं कला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
भाई, गुनाह किए कई, पर सीखा
चबाया नहीं है कभी कुछ free का
मैं बचपन से मालिक मर्ज़ी का
कभी परवाह नहीं, क्या हो नतीजा
इन्हें serve करा dish, वो भी तीखा
तेरे verse में ना दम, जाके घी खा
तूने ज़ख़म दिए गहरे, मैं ना चीखा
Bitch, I′m here for the smoke, fuck a शीशा
आगे तो है मोड़, लेकिन वो भी है पेचीता
मुझे पता है कि हमारा था या जीता
बस है पता कि मैं G था तभी जीता
तेरी यारी का तो स्वाद लगे फीका
मुझे कमाने crore तभी बदला तरीका, तभी बदला सलीका
इंतज़ार है घड़ी का, मुझे चाहिए है ज़मीन चाहे acre हो या बीघा
देता कारनामें दिखा, हूँ मैं भावना से लिखा
तड़ी सामने ना दिखा, जब हूँ सामने मैं टिका
लौंडों ने है करी hotbox ये Ertiga
ठुल्ले रोके नाके पे, चालान फर्ज़ी का
करी बहस तो फिर दिखा देते तैश वर्दी का
School of hard knocks में मैं, बावे, भर्ती था
उस party में सफ़ेद चूना नाक से था खींचा
घाटी वाले club को बना दिया Ibiza
Brain उसका lame, लेकिन frame curvy सा
फिर भी lean करती tower पे, वो मेरे जैसे Pisa
कभी बकरा नहीं बना मैं बली का (कभी नहीं)
तुझे लगा लौंडा मैं कल ही का (haha)
ये aim रखा loaded, भई, पूरा (drrr)
और तू ढूँढे, बावे, यहाँ नली कहाँ (haha)
बकचोदी को कोई हल ही कहाँ
गवाए मैंने पल ही ना
खुली आँख जैसे-तैरे करके
और मुझे लगा जैसे कल ही था
ये छीनते हैं कला
ये छीनते हैं कला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
ये छीनते हैं कला
ये छीनते हैं कला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
ये छीनते हैं कला
ये छीनते हैं कला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
ये छीनते हैं कला
ये छीनते हैं कला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
मैं जीतने चला
Writer(s): Abhin Pandita Lyrics powered by www.musixmatch.com
