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Phir Se Songtext
von Umer Farooq

Phir Se Songtext

फिर से वहीं
हम हैं खड़े
ख्वाबों के संग
चल ना सके

बातें वही
यादें सभी
खुद से ज़ुदा
कर ना सके

क्यूँ हुए हैं फ़ासले?
ख्वाब हैं टूटे हुए
टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ?
टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ?


तन्हा सही
सबसे परे
हैं खो गए
क्यूँ रास्ते?
मंज़िलों से
भागे कहाँ?
खो जायेंगे
बन के निशां
टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ?
टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ?

टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ?

टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ?
टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ?
टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ?
टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ? टूटे क्यूँ?

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