Songtexte.com Drucklogo

Mere Yaar Songtext
von The Local Train

Mere Yaar Songtext

अब क्या कहें उनसे, जनाब
पिछले ग़ुरूर टूटे नहीं
थे हर घड़ी जो रू-ब-रू
अब एक शाम मुमकिन नहीं

है क़यामत ये मोहब्बत
हारे हैं हम, ना शिकवा कोई
ये दास्ताँ अब मुख़्तसर
क्यों है ख़फ़ा? सुन तो सही

सुनता है, मेरे यार
तू ही सही, तो मैं दिल-ए-गुलाम
सुनता है, मेरे यार
कि मंज़िलें मिलें अपना मुक़ाम


थी हसरतें जिनसे हज़ार
रुख़सत हुए अक्सर वही
हर शिकायत अब बेअसर
क्यूँ है ख़फ़ा? सुन तो सही

सुनता है, मेरे यार
तू ही सही, तो मैं दिल-ए-गुलाम
सुनता है, मेरे यार
कि मंज़िलें मिलें अपना मुक़ाम

थी हसरतें जिनसे हज़ार
रुख़सत हुए अक्सर वही
है दास्ताँ ये मुख़्तसर
क्यूँ है ख़फ़ा? सुन तो सही

सुनता है, मेरे यार
तू ही सही, तो मैं दिल-ए-गुलाम
सुनता है, मेरे यार
कि मंज़िलें मिलें अपना मुक़ाम

Songtext kommentieren

Log dich ein um einen Eintrag zu schreiben.
Schreibe den ersten Kommentar!

Beliebte Songtexte
von The Local Train

Quiz
Wer ist gemeint mit „The King of Pop“?

Fans

»Mere Yaar« gefällt bisher niemandem.