Zindagi Songtext
von Ranjit Barot
Zindagi Songtext
कल तलक मैं ख़ुद ही में अदा था
अपनी मर्ज़ी का ख़ुदा था
ओ ज़िंदगी
तेरे फीके कायतों से जुदा था
तेरे तीखे शर्तों से ख़फ़ा था
ओ ज़िंदगी
इरादों में, मुरादों में तूफ़ान थे
ख़यालों में, मज़ालों में शैतान थे
ख़यालों में, मज़ालों में शैतान थे
लड़कर जाना, गिरकर जाना तेरा रुत्बा
मर कर जाना, तू शमा मैं परवाना
मैं था तेरा खिलौना (खिलौना)
तू जीती, मैं हारा
गज़ब ही शह से मारा
गिराया गुरूर मेरा
इरादों में, मुरादों में तूफ़ान थे
ख़यालों में, मज़ालों में शैतान थे (शैतान थे)
झुक चला हूँ मैं, सब तेरे हवाले
ख़यालों में, मज़ालों में शैतान थे (शैतान थे)
अपनी मर्ज़ी का ख़ुदा था
ओ ज़िंदगी
तेरे फीके कायतों से जुदा था
तेरे तीखे शर्तों से ख़फ़ा था
ओ ज़िंदगी
इरादों में, मुरादों में तूफ़ान थे
ख़यालों में, मज़ालों में शैतान थे
ख़यालों में, मज़ालों में शैतान थे
लड़कर जाना, गिरकर जाना तेरा रुत्बा
मर कर जाना, तू शमा मैं परवाना
मैं था तेरा खिलौना (खिलौना)
तू जीती, मैं हारा
गज़ब ही शह से मारा
गिराया गुरूर मेरा
इरादों में, मुरादों में तूफ़ान थे
ख़यालों में, मज़ालों में शैतान थे (शैतान थे)
झुक चला हूँ मैं, सब तेरे हवाले
ख़यालों में, मज़ालों में शैतान थे (शैतान थे)
Writer(s): Sanjeev Sharma Lyrics powered by www.musixmatch.com

