Narbhaksh Songtext
von Raga
Narbhaksh Songtext
Yeah
नरभक्ष
Raga
Check
मैं नरभक्ष, मुझको रक्त की तलाश है
मैं हर वक्त करता सजदे देख लाशें
मैं अपने कक्ष में कश के कशमकश में
ये मेरे रक्त में, मैं आज इसके वश में
मुझको देख मेरा चेहरा बदला-बदला
ये मिज़ाज जो मैं कह रहा बदला
अब जो कह रहा वो पिशाच
ये शैतान आज मुझको अपने वश में लिए
जो बकता मुझको लगता मैं हूँ करता अपना त्याग
बात ९५ की, ९२ में जन्मा आज बना ये चेहरा
देख हैवान इसमें रह रहा
पैगाम इसका बहरा भी जो आज सुन के कह रहा
देख बात में है दम क्यूँकि आँख में है दम का पहरा
मुखौटा नहीं है ये है असली चेहरा
एक इंसान में जो रहता देता सब सुनहरा मैं
मुखौटा नहीं है ये है असली चेहरा
एक इंसान में जो रहता देता सब सुनहरा मैं
नरभक्ष हर वक़्त, जबसे जन्मा तब से सख़्त
निरस्त्र, बकता सच, धधकता रक्त गिरता, बनता भक्त
गिरता माटी में, माटी से प्यार इतना
मारती ना माँ तो आज जो खड़ा वो खाक टिकता
जो मिला वो राख दिखता
खासकर पास बैठे उनमें से ना एक टिकता
देख मेरी team, देख आर्टिस्टतान ये
यराँ पे हैं खड़े सारे artist सीना तान के
ये बात सीधा जान ले मैं जानलेवा दुश्मनी
काट के दो हाथ तेरे कह दूँ फिर भी खुश नहीं
बाँट जो गम ये अपने दो-चार पंक्तियों में
माँ है कहती, "कम पियो", मैं रक्त पीता wolverine
नरभक्ष
Raga
Check
मैं नरभक्ष, मुझको रक्त की तलाश है
मैं हर वक्त करता सजदे देख लाशें
मैं अपने कक्ष में कश के कशमकश में
ये मेरे रक्त में, मैं आज इसके वश में
मुझको देख मेरा चेहरा बदला-बदला
ये मिज़ाज जो मैं कह रहा बदला
अब जो कह रहा वो पिशाच
ये शैतान आज मुझको अपने वश में लिए
जो बकता मुझको लगता मैं हूँ करता अपना त्याग
बात ९५ की, ९२ में जन्मा आज बना ये चेहरा
देख हैवान इसमें रह रहा
पैगाम इसका बहरा भी जो आज सुन के कह रहा
देख बात में है दम क्यूँकि आँख में है दम का पहरा
मुखौटा नहीं है ये है असली चेहरा
एक इंसान में जो रहता देता सब सुनहरा मैं
मुखौटा नहीं है ये है असली चेहरा
एक इंसान में जो रहता देता सब सुनहरा मैं
नरभक्ष हर वक़्त, जबसे जन्मा तब से सख़्त
निरस्त्र, बकता सच, धधकता रक्त गिरता, बनता भक्त
गिरता माटी में, माटी से प्यार इतना
मारती ना माँ तो आज जो खड़ा वो खाक टिकता
जो मिला वो राख दिखता
खासकर पास बैठे उनमें से ना एक टिकता
देख मेरी team, देख आर्टिस्टतान ये
यराँ पे हैं खड़े सारे artist सीना तान के
ये बात सीधा जान ले मैं जानलेवा दुश्मनी
काट के दो हाथ तेरे कह दूँ फिर भी खुश नहीं
बाँट जो गम ये अपने दो-चार पंक्तियों में
माँ है कहती, "कम पियो", मैं रक्त पीता wolverine
Writer(s): Raga, Yawar Lyrics powered by www.musixmatch.com

