Dhundh Songtext
von Papon
Dhundh Songtext
इस तरह मुझमें तू उतर जाए
जैसे जंगल में धुँध भर जाए
इस तरह मुझमें तू उतर जाए
जैसे जंगल में धुँध भर जाए
रात और दिन के दरमियाँ जैसे
शाम आकाश में बिखर जाए
इस तरह मुझमें तू उतर जाए
आया-जाया करे कोई मौसम
आया-जाया करे कोई मौसम
तेरा मौसम ना बस गुज़र जाए
तेरा मौसम ना बस गुज़र जाए
होंठ रखे जो मेरे होंठों पर
होंठ रखे जो मेरे होंठों पर
मैं तो मर जाऊँ, वो भी मर जाए
इस तरह मुझमें वो उतर जाए
जैसे जंगल में धुँध भर जाए
जैसे जंगल में धुँध भर जाए
इस तरह मुझमें तू उतर जाए
जैसे जंगल में धुँध भर जाए
रात और दिन के दरमियाँ जैसे
शाम आकाश में बिखर जाए
इस तरह मुझमें तू उतर जाए
आया-जाया करे कोई मौसम
आया-जाया करे कोई मौसम
तेरा मौसम ना बस गुज़र जाए
तेरा मौसम ना बस गुज़र जाए
होंठ रखे जो मेरे होंठों पर
होंठ रखे जो मेरे होंठों पर
मैं तो मर जाऊँ, वो भी मर जाए
इस तरह मुझमें वो उतर जाए
जैसे जंगल में धुँध भर जाए
Writer(s): Vishal Bhardwaj Lyrics powered by www.musixmatch.com

