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Pardo Songtext
von Nishu

Pardo Songtext

पर्दों के पीछे क्या है?
(बरसों पुरानी यादें)
(मुझमें जो भी कमी है)
(क्या तुम भुला पाओगे?)

पर्दों में ज़िन्दगी जी लो अपनी
बदले हालातों से मिलना वहीं
भर लूँ जेबों में मैं खुशी
सील ना पाया वो मेरी बदनसीबी

पर्दों के पीछे क्या है? (पर्दों के पीछे क्या है?)
बरसों पुरानी यादें
मुझमें जो भी कमी है (मुझमें जो भी कमी है)
क्या तुम भुला पाओगे?


सारी रात गुमसुम सी खामोशी
पर्दों की किरणों से दोस्ती
धुन हज़ारों, शहर वहीं
ना सुन पाया वो मेरी बदनसीबी

पर्दों के पीछे क्या है? (पर्दों के पीछे क्या है?)
बरसों पुरानी यादें
मुझमें जो भी कमी है (मुझमें जो भी कमी है)
क्या तुम भुला पाओगे?

यूँ हवा के इशारों पे चला
तुम्हारी नज़रों से भी ना मिला
आँखें बंद कर के मुझको दिखा
परछाइयों में छुपा तू ही था

पर्दों के पीछे क्या है? (पर्दों के पीछे क्या है?)
बरसों पुरानी यादें
मुझमें जो भी कमी है (मुझमें जो भी कमी है)
क्या तुम भुला पाओगे?


पर्दों के पीछे क्या है? (पर्दों के पीछे क्या है?)
बरसों पुरानी यादें
मुझमें जो भी कमी है (मुझमें जो भी कमी है)
क्या तुम भुला पाओगे?

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