Khauf Songtext
von Mark K Robin
Khauf Songtext
दिमाग में बसा हुआ कोई अंधेरा है
नाखून निकल आते हैं उसके
गले में खौफ़ देता है
कब आए न जाने कब ये खौफ़ रहता है
नाखून निकल आते हैं उसके
गले में खौफ़ देता है
कब आए न जाने कब ये खौफ़ रहता है
Writer(s): Gulzar, Robin Mark Kandukuri Lyrics powered by www.musixmatch.com

