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Khvab Songtext
von Kinari

Khvab Songtext

(Rrrr...)
(नारी...)
(रात को मैं देखती हूँ ख़्वाब...)

देखती हूँ ख़्वाब
रात को मैं देखती हूँ ख़्वाब
देखती हूँ ख़्वाब
जाग के मैं देखती हूँ ख़्वाब
देखती हूँ-
रात को मैं देखती हूँ-
देखती हूँ ख़्वाब
देखती हूँ ख़्वाब


झूझ रहे सब
दूसरे क्यों देते नहीं हाथ?
खुद पे आरोप
दुसरों को नहीं दिया हाथ
पैसो का रोग
कर दिया सबका ही हाल
फूकते हैं घास
मानते नहीं उसको इलाज
मानते नहीं खुद को आज़ाद
(मानते नहीं खुद को आज़ाद)
(मानते नहीं खुद को आज़ाद)

लग गए साल
खाते में दिख गए लाख
Hater उदास
शो पे क्यों दिखती है भीड़?
छक्के क्यों दिखती है star?
बंदे लोग करते हैं beef
बंदी पे छप गया अख़बार
बढ़ने दे फ़ीस
जलने दे hater की गाँड
लड़के है weak
लड़किया लखती हैं bars
लड़की लोग ढीठ
लड़कों से करते विवाद


आती नहीं नींद
पालती उमीद
रखते ईमान
देखती हूँ ख़्वाब
रात को मैं देखती हूँ-
देखती हू ख़्वाब
जाग के मैं देखती हूँ ख़्वाब
देखती हूँ-

झूझ रहे सब
दूसरे क्यों देते नहीं हाथ?
खुद पे आरोप
दुसरों को नहीं दिया हाथ
पैसो का रोग
कर दिया सबका ही हाल
फूकते हैं घास
मानते नहीं उसको इलाज
मानते नहीं खुद को आज़ाद
(मानते नहीं खुद को आज़ाद)
(मानते नहीं खुद को आज़ाद)

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