Dooriyan Songtext
von KhoslaRaghu
Dooriyan Songtext
तू और मैं, जाने हम कहाँ खो गए
संग थे चले दोनों, तन्हा हो गए
हारी-हारी सी साँसें हैं, सूनी-सूनी सी बाँहें हैं
गिरहों में फँसने लगे रिश्ते ये कहीं
कितना कुछ कहना था तुमको, कितना कुछ कहना था मुझको
दोनों के होंठों पर फिर भी ख़ामोशी रही
क्यूँ यूँ बढ़ गई तेरी-मेरी मजबूरियाँ?
क्यूँ बस रह गई अब दरमियाँ ये दूरियाँ?
लंबी इन रातों में अश्कों से नाते हैं
यादों की चादर को ओढ़ सोते हैं क्यूँ?
दोनों हम हैराँ हैं, दोनों परेशाँ हैं
संग हैं दोनों, फिर भी तन्हा रोते हैं क्यूँ?
ये प्यार की मंज़िलें भी हैं जैसे ख़फ़ा
बेज़ार-सी है तेरी और मेरी वफ़ा
हारी-हारी सी साँसें हैं, सूनी-सूनी सी बाँहें हैं
गिरहों में फँसने लगे रिश्ते ये कहीं
कितना कुछ कहना था मुझको, कितना कुछ कहना था तुमको
दोनों के होंठों पर फिर भी ख़ामोशी रही
तू और मैं, जाने हम कहाँ खो गए
संग थे चले दोनों, तन्हा हो गए
संग थे चले दोनों, तन्हा हो गए
हारी-हारी सी साँसें हैं, सूनी-सूनी सी बाँहें हैं
गिरहों में फँसने लगे रिश्ते ये कहीं
कितना कुछ कहना था तुमको, कितना कुछ कहना था मुझको
दोनों के होंठों पर फिर भी ख़ामोशी रही
क्यूँ यूँ बढ़ गई तेरी-मेरी मजबूरियाँ?
क्यूँ बस रह गई अब दरमियाँ ये दूरियाँ?
लंबी इन रातों में अश्कों से नाते हैं
यादों की चादर को ओढ़ सोते हैं क्यूँ?
दोनों हम हैराँ हैं, दोनों परेशाँ हैं
संग हैं दोनों, फिर भी तन्हा रोते हैं क्यूँ?
ये प्यार की मंज़िलें भी हैं जैसे ख़फ़ा
बेज़ार-सी है तेरी और मेरी वफ़ा
हारी-हारी सी साँसें हैं, सूनी-सूनी सी बाँहें हैं
गिरहों में फँसने लगे रिश्ते ये कहीं
कितना कुछ कहना था मुझको, कितना कुछ कहना था तुमको
दोनों के होंठों पर फिर भी ख़ामोशी रही
तू और मैं, जाने हम कहाँ खो गए
संग थे चले दोनों, तन्हा हो गए
Writer(s): Khoslaraghu Lyrics powered by www.musixmatch.com
