Behka Songtext
von Karthik
Behka Songtext
बहका, मैं बहका, वो बहकी हवा सी आई
एक ही नज़र में सब मंज़िल-वंज़िल पाई
हटके अलग सी थी, बिल्कुल जुदा सी
ना ही अदाएँ, ना कोई अंगड़ाई
बहका, बहका, मैं बहका, बहका
महका, महका, ये मन है महका
बहका, मैं बहका, वो बहकी हवा सी आई
एक ही नज़र में सब मंज़िल-वंज़िल पाई
धड़कन धक-धक-धक-धक-धक हुई
दिल ता-ता-ता-ता-ता थाई
चाल डगमग-मग, डगमग-मग हुई
झूमूँ झमक-झमाझम
रस्ता ता, ताकूँ, ताकूँ, ताकूँ, ताकूँ मैं
पल-पल जागूँ, जागूँ, जागूँ, जागूँ मैं
बार-बार बदल करवट उसको सोचूँ मैं
बहका, बहका, मैं बहका, बहका
महका, महका, ये मन है महका
गुज़रे जहाँ से वो रौनक उड़ाए
छलके नदी सी वो मुझको भिगोती जाए
वो गुनगुनाए, नगीने लुटाए
खट्टा सा बचपन, मीठी शरारत
थोड़ा रेशम है, थोड़ी नज़ाकत
कभी शरमाए, कभी लहराए
उसमें साहिल है और जाने कितनी गहराई
बहका, मैं बहका, वो बहकी हवा सी आई
एक ही नज़र में सब मंज़िल-वंज़िल पाई
हटके अलग सी थी, बिल्कुल जुदा सी
ना ही अदाएँ, ना कोई अंगड़ाई
बहका, बहका, मैं बहका, बहका
महका, महका, ये मन है महका
उसकी बोली, जैसे फूलों की टोली
उसका चलना, ऋतुएँ बदलना
झूठ भी उसके सच्चे लगे, अच्छे लगे
सच से भी बड़े लगे
राह में उसकी हाथ बाँधे, पलकें बिछाए हुए
सर को झुकाए हुए, ख़ुशबुओं से छाए हुए
टकटकी लगाए हुए
साथ-साथ जाने कितने सारे मौसम खड़े रहें
बहका, मैं बहका, वो बहकी हवा सी आई
एक ही नज़र में सब मंज़िल-वंज़िल पाई
बहका, मैं बहका, वो बहकी हवा सी आई
एक ही नज़र में सब मंज़िल-वंज़िल पाई
हटके अलग सी थी, वो बिल्कुल जुदा सी
ना ही अदाएँ, ना कोई अंगड़ाई
बहका मैं, हाँ, बहका-बहका मैं
बहका मैं, हाँ, बहका, बहका, बहका मैं
बहका मैं, हाँ, बहका-बहका मैं
बहका मैं, हाँ, बहका, बहका, बहका मैं
बहका मैं, हाँ, बहका-बहका मैं
बहका मैं, हाँ, बहका, बहका, बहका मैं
एक ही नज़र में सब मंज़िल-वंज़िल पाई
हटके अलग सी थी, बिल्कुल जुदा सी
ना ही अदाएँ, ना कोई अंगड़ाई
बहका, बहका, मैं बहका, बहका
महका, महका, ये मन है महका
बहका, मैं बहका, वो बहकी हवा सी आई
एक ही नज़र में सब मंज़िल-वंज़िल पाई
धड़कन धक-धक-धक-धक-धक हुई
दिल ता-ता-ता-ता-ता थाई
चाल डगमग-मग, डगमग-मग हुई
झूमूँ झमक-झमाझम
रस्ता ता, ताकूँ, ताकूँ, ताकूँ, ताकूँ मैं
पल-पल जागूँ, जागूँ, जागूँ, जागूँ मैं
बार-बार बदल करवट उसको सोचूँ मैं
बहका, बहका, मैं बहका, बहका
महका, महका, ये मन है महका
गुज़रे जहाँ से वो रौनक उड़ाए
छलके नदी सी वो मुझको भिगोती जाए
वो गुनगुनाए, नगीने लुटाए
खट्टा सा बचपन, मीठी शरारत
थोड़ा रेशम है, थोड़ी नज़ाकत
कभी शरमाए, कभी लहराए
उसमें साहिल है और जाने कितनी गहराई
बहका, मैं बहका, वो बहकी हवा सी आई
एक ही नज़र में सब मंज़िल-वंज़िल पाई
हटके अलग सी थी, बिल्कुल जुदा सी
ना ही अदाएँ, ना कोई अंगड़ाई
बहका, बहका, मैं बहका, बहका
महका, महका, ये मन है महका
उसकी बोली, जैसे फूलों की टोली
उसका चलना, ऋतुएँ बदलना
झूठ भी उसके सच्चे लगे, अच्छे लगे
सच से भी बड़े लगे
राह में उसकी हाथ बाँधे, पलकें बिछाए हुए
सर को झुकाए हुए, ख़ुशबुओं से छाए हुए
टकटकी लगाए हुए
साथ-साथ जाने कितने सारे मौसम खड़े रहें
बहका, मैं बहका, वो बहकी हवा सी आई
एक ही नज़र में सब मंज़िल-वंज़िल पाई
बहका, मैं बहका, वो बहकी हवा सी आई
एक ही नज़र में सब मंज़िल-वंज़िल पाई
हटके अलग सी थी, वो बिल्कुल जुदा सी
ना ही अदाएँ, ना कोई अंगड़ाई
बहका मैं, हाँ, बहका-बहका मैं
बहका मैं, हाँ, बहका, बहका, बहका मैं
बहका मैं, हाँ, बहका-बहका मैं
बहका मैं, हाँ, बहका, बहका, बहका मैं
बहका मैं, हाँ, बहका-बहका मैं
बहका मैं, हाँ, बहका, बहका, बहका मैं
Writer(s): A. R. Rahman, Joshi Prasoon Lyrics powered by www.musixmatch.com
