dur(raw) Songtext
von Chambalguy
dur(raw) Songtext
सफ़र पे
चले हम
कहीं दूर
कहीं दूर
सफ़र पे
चले हम
दूर
कहीं दूर
न फिकर है
और न ग़म
दूर
कहीं दूर
न है कोई
अब शर्म
दूर
कहीं दूर
हैं ख़ुदा से
ये दुआएँ
कर दे ख़ुश
तू ये संभाल
माना है
होते फ़रिश्ते
मांग लेंगे
फिर रज़ाएँ
निकले ढूंढने
खुद ख़ुदी में
दूर
कहीं दूर
निकले
जंगलों से
गहरे समुन्दर
दूर
अभी दूर
करके माफ़
सारी
गलतियों को
दूर
चले दूर
गिरके रास्तों पे
फिर उठे हम
चले दूर
बहुत दूर
न फिकर है
और न ग़म
दूर दूर
न है कोई
अब शर्म
दूर
कहीं दूर
चले हम
कहीं दूर
कहीं दूर
सफ़र पे
चले हम
दूर
कहीं दूर
न फिकर है
और न ग़म
दूर
कहीं दूर
न है कोई
अब शर्म
दूर
कहीं दूर
हैं ख़ुदा से
ये दुआएँ
कर दे ख़ुश
तू ये संभाल
माना है
होते फ़रिश्ते
मांग लेंगे
फिर रज़ाएँ
निकले ढूंढने
खुद ख़ुदी में
दूर
कहीं दूर
निकले
जंगलों से
गहरे समुन्दर
दूर
अभी दूर
करके माफ़
सारी
गलतियों को
दूर
चले दूर
गिरके रास्तों पे
फिर उठे हम
चले दूर
बहुत दूर
न फिकर है
और न ग़म
दूर दूर
न है कोई
अब शर्म
दूर
कहीं दूर
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