Shiddat Songtext
von Armaan Malik
Shiddat Songtext
हाँ, हाँ
Hmm, hmm
जुदा नहीं तू
जुदा सा है तू
गायब है, लापता है
लेकिन तू हर जगह है
शिद्दत से चाहता हूँ, दुआ में माँगता हूँ
रातों को जागता हूँ मैं तेरे ही लिए
आँखों से बह रहाँ हूँ, बिन बोले कह रहाँ हूँ
हर ग़म को सह रहाँ हूँ मैं तेरे ही लिए
तुझ बिन अधूरा-अधूरा सा लगूँ
खुदको, आ, तुझसे मुक़म्मल मैं करूँ
चाहिए, मुझको तू चाहिए
हाँ, मुझे सिर्फ़ तू चाहिए
Woah-oh, woah-oh
Woah-oh, woah-oh
वो रात की दीवार हो या सुबह का उजला दर
इस पार से उस पार तक मुझे आए तू नज़र
वो रात की दीवार हो या सुबह का उजला दर
इस पार से उस पार तक मुझे आए तू नज़र
तू आसमाँ से ज़मीन तक
तू गुमान से, है यकीन तक
तुझ बिन अधूरा-अधूरा सा लगूँ
खुदको, आ, तुझसे मुक़म्मल मैं करूँ
चाहिए, मुझको तू चाहिए
हाँ, मुझे सिर्फ़ तू चाहिए
शिद्दत से चाहता हूँ, दुआ में माँगता हूँ
रातों को जागता हूँ मैं तेरे ही लिए
आँखों से बह रहाँ हूँ, बिन बोले कह रहाँ हूँ
हर ग़म को सह रहाँ हूँ मैं तेरे ही लिए
मैं जम गया हूँ बर्फ़ सा, मुझे छूके कर रवाँ
इस जिस्म के सफ़र में है कहीं रूह का निशाँ
मैं जम गया हूँ बर्फ़ सा, मुझे छूके कर रवाँ
इस जिस्म के सफ़र में है कहीं रूह का निशाँ
है प्यास में, तलाश में
उम्मीद में, तू ही आस में
तुझ बिन अधूरा-अधूरा सा लगूँ
खुदको, आ, तुझसे मुक़म्मल मैं करूँ
चाहिए, मुझको तू चाहिए
हाँ, मुझे सिर्फ़ तू चाहिए
शिद्दत से चाहता हूँ, दुआ में माँगता हूँ
रातों को जागता हूँ मैं तेरे ही लिए
आँखों से बह रहाँ हूँ, बिन बोले कह रहाँ हूँ
हर ग़म को सह रहाँ हूँ मैं तेरे ही लिए
Hmm, hmm
जुदा नहीं तू
जुदा सा है तू
गायब है, लापता है
लेकिन तू हर जगह है
शिद्दत से चाहता हूँ, दुआ में माँगता हूँ
रातों को जागता हूँ मैं तेरे ही लिए
आँखों से बह रहाँ हूँ, बिन बोले कह रहाँ हूँ
हर ग़म को सह रहाँ हूँ मैं तेरे ही लिए
तुझ बिन अधूरा-अधूरा सा लगूँ
खुदको, आ, तुझसे मुक़म्मल मैं करूँ
चाहिए, मुझको तू चाहिए
हाँ, मुझे सिर्फ़ तू चाहिए
Woah-oh, woah-oh
Woah-oh, woah-oh
वो रात की दीवार हो या सुबह का उजला दर
इस पार से उस पार तक मुझे आए तू नज़र
वो रात की दीवार हो या सुबह का उजला दर
इस पार से उस पार तक मुझे आए तू नज़र
तू आसमाँ से ज़मीन तक
तू गुमान से, है यकीन तक
तुझ बिन अधूरा-अधूरा सा लगूँ
खुदको, आ, तुझसे मुक़म्मल मैं करूँ
चाहिए, मुझको तू चाहिए
हाँ, मुझे सिर्फ़ तू चाहिए
शिद्दत से चाहता हूँ, दुआ में माँगता हूँ
रातों को जागता हूँ मैं तेरे ही लिए
आँखों से बह रहाँ हूँ, बिन बोले कह रहाँ हूँ
हर ग़म को सह रहाँ हूँ मैं तेरे ही लिए
मैं जम गया हूँ बर्फ़ सा, मुझे छूके कर रवाँ
इस जिस्म के सफ़र में है कहीं रूह का निशाँ
मैं जम गया हूँ बर्फ़ सा, मुझे छूके कर रवाँ
इस जिस्म के सफ़र में है कहीं रूह का निशाँ
है प्यास में, तलाश में
उम्मीद में, तू ही आस में
तुझ बिन अधूरा-अधूरा सा लगूँ
खुदको, आ, तुझसे मुक़म्मल मैं करूँ
चाहिए, मुझको तू चाहिए
हाँ, मुझे सिर्फ़ तू चाहिए
शिद्दत से चाहता हूँ, दुआ में माँगता हूँ
रातों को जागता हूँ मैं तेरे ही लिए
आँखों से बह रहाँ हूँ, बिन बोले कह रहाँ हूँ
हर ग़म को सह रहाँ हूँ मैं तेरे ही लिए
Writer(s): Shakeel Azmi, Raaj Aashoo Lyrics powered by www.musixmatch.com

