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Qubool Songtext
von Armaan Khan

Qubool Songtext

हाँ, मिला आसमाँ से कोई नूर, कोहिनूर दस्तूर मेरा
लो, आज से हुआ मैं सदियों को तेरा

देखो, ज़रा देखो, नाम तेरा लिखा है
मेरा है जो, मेरा सब तेरा हो चुका है

दिल पे अब ना ज़ोर कोई
हर क़दम तेरी ओर है
साँस है ख़ुशबू-भरी
हर रास्ता अब फूल है

कोई शर्त हो या दर्द हो
ये राब्ता क़ुबूल है
हर साँस है ख़ुशबू-भरी
हर रास्ता क़ुबूल है
कोई शर्त हो...

क़ुबूल तेरी ज़िद है सारी
सारी बातें क़ुबूल हैं
क़ुबूल सारे दिन तुम्हारे
सियाह-रातें क़ुबूल हैं


तू, साहिबाँ तू
तेरी छाँव में ख़ुद को भुला कर झूम लूँ
ओ, यूँ तेरा हूँ
तू दर्द दे तो दर्द को भी चूम लूँ

मुस्कुराना है तुझी से
तुझ से ही आराम है
तू नहीं तो मैं नहीं हूँ
ज़िंदगी तेरे नाम है

तू ना हो तो मैं बे-मायने
होना मेरा ही फ़िज़ूल है
कोई शर्त हो या दर्द हो
ये राब्ता क़ुबूल है

है इश्क़ में जब डूबे हम
ग़म भी मिले तो कैसा ग़म?
तेरा सही, तेरा ग़लत
तेरा झूठ भी तो क़ुबूल है

अच्छा-बुरा क्या तौलना?
क्या मशवरा? क्या सोचना?
महबूब होता है ख़ुदा
यही इश्क़ का तो उसूल है

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