Chalte Chalte Songtext
von Abhijeet
Chalte Chalte Songtext
प्यार हमको भी है, प्यार तुमको भी है
तो ये क्या सिलसिले हो गए?
बेवफ़ा हम नहीं, बेवफ़ा तुम नहीं
तो क्यूँ इतने गिले हो गए?
चलते-चलते कैसे ये फ़ासले हो गए?
Hmm, हो, क्या पता, कहाँ हम चले
प्यार हमको भी है, प्यार तुमको भी है
तो ये क्या सिलसिले हो गए?
बेवफ़ा हम नहीं, बेवफ़ा तुम नहीं
तो क्यूँ इतने गिले हो गए?
चलते-चलते कैसे ये फ़ासले हो गए?
Hmm, ओ, क्या पता, कहाँ हम चले
दुनिया जो पूछे तो क्या हम कहें?
कोई ये हमको समझा दे
ठेस लगी तो पल में टूट गए
शीशे के थे क्या सब वादे?
जाता है कोई क्यूँ सपनों को ठुकरा के?
पाएगा ये दिल क्या किसी को बता के?
चलते-चलते राख हम बिन जले हो गए
Hmm, ओ, बुझ गए दीये प्यार के
प्यार हमको भी है, प्यार तुमको भी है
तो ये क्या सिलसिले हो गए?
डूब गया है जैसे दर्द में दिल
आँसू भरी हैं अब आँखें
तन्हाइयों की जो रुत आ गई
उजड़ी हुई हैं सब राहें
सोचा था पाएँगे दोनों एक मंज़िल को
राहें जो बदलीं तो तुम ही बता दो
चलते-चलते गुम कहाँ क़ाफ़िले हो गए?
Hmm, ओ, खो गए कहाँ रास्ते?
प्यार हमको भी है, प्यार तुमको भी है
तो ये क्या सिलसिले हो गए?
बेवफ़ा हम नहीं, बेवफ़ा तुम नहीं
तो क्यूँ इतने गिले हो गए?
चलते-चलते कैसे ये फ़ासले हो गए?
Hmm, हो, क्या पता, कहाँ हम चले
Hmm, क्या पता, कहाँ हम चले
तो ये क्या सिलसिले हो गए?
बेवफ़ा हम नहीं, बेवफ़ा तुम नहीं
तो क्यूँ इतने गिले हो गए?
चलते-चलते कैसे ये फ़ासले हो गए?
Hmm, हो, क्या पता, कहाँ हम चले
प्यार हमको भी है, प्यार तुमको भी है
तो ये क्या सिलसिले हो गए?
बेवफ़ा हम नहीं, बेवफ़ा तुम नहीं
तो क्यूँ इतने गिले हो गए?
चलते-चलते कैसे ये फ़ासले हो गए?
Hmm, ओ, क्या पता, कहाँ हम चले
दुनिया जो पूछे तो क्या हम कहें?
कोई ये हमको समझा दे
ठेस लगी तो पल में टूट गए
शीशे के थे क्या सब वादे?
जाता है कोई क्यूँ सपनों को ठुकरा के?
पाएगा ये दिल क्या किसी को बता के?
चलते-चलते राख हम बिन जले हो गए
Hmm, ओ, बुझ गए दीये प्यार के
प्यार हमको भी है, प्यार तुमको भी है
तो ये क्या सिलसिले हो गए?
डूब गया है जैसे दर्द में दिल
आँसू भरी हैं अब आँखें
तन्हाइयों की जो रुत आ गई
उजड़ी हुई हैं सब राहें
सोचा था पाएँगे दोनों एक मंज़िल को
राहें जो बदलीं तो तुम ही बता दो
चलते-चलते गुम कहाँ क़ाफ़िले हो गए?
Hmm, ओ, खो गए कहाँ रास्ते?
प्यार हमको भी है, प्यार तुमको भी है
तो ये क्या सिलसिले हो गए?
बेवफ़ा हम नहीं, बेवफ़ा तुम नहीं
तो क्यूँ इतने गिले हो गए?
चलते-चलते कैसे ये फ़ासले हो गए?
Hmm, हो, क्या पता, कहाँ हम चले
Hmm, क्या पता, कहाँ हम चले
Writer(s): Jatin Lalit, Javed Akhtar, Udit Narayan Lyrics powered by www.musixmatch.com

